KNOW AS TO WHY COMPLETE LOCKDOWN FOR 42 DAYS IS NEEDED TO OVERCOME CORONA-19 PANDEMIC (लाॅक डाउन कम से कम 42 दिनों का होना अति आवश्यक कोरोना19 से बचने के लिए)

हर देश में लाॅक डाउन कम से कम 42 दिनों का होना अति आवश्यक है यदि हमें हर व्यक्ति को कोरोना के विषाणु से बचाना है तो।

21 दिनों का लाक डाउन कोरोना से पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं है। मेरे इस विचार को चाईना नेशनल हैल्थ कमीशन की उस रपट से बल मिलता है जिसमें 22 जनवरी 2020 की रात 12 बजे तक कोरोना19 से मरे 17 मरीजों के बारे में किए गये अध्ययन का विवरण दिया गया है।

उक्त अध्ययन में यह पाया गया कि कोरोना19 के प्रथम लक्षण पैदा होने से 17 मरीजों के मरने तक का औसत समय 14 दिन था। जो मरीज 70 या इससे अधिक आयु के थे उनका यह औसत समय साढे ग्यारह दिन था। इनमें से कुछ 6 दिन में मर गए तो कुछ 19 दिन में मरे। जबकि 70 वर्ष या इससे कम आयु के मरने वालों का औसत समय 20 दिन का था। इनमें से कुछ 10 दिन में ही मर गए तो कुछ को मरने में 41 दिनों का समय लगा।

उक्त अध्ययन से मेरा निष्कर्ष तो यही निकलता है कि कोरोना19 के प्रथम लक्षण के दिखने से लेकर मृत्यु तक 41 दिनों का समय लग सकता है। इसका अर्थ यह भी है कि लोगों को अपने घरों में कम से कम 42 दिनों तक दुबके रहना होगा यदि कोरोना19 से संक्रमित होने से बचना है या ओरों को संक्रमित करने से बचना है तो।

42 दिनों की 'घरबंदी' और 'हलचलबंदी' का पालन करने से होगा यह कि 'बंदी ' लागू होने के दिन से 41वें दिन तक जिन कोरोना के मरीजों को मरना होगा वे मर चुके होंगे और शेष ठीक हो चुके होंगे। इस प्रकार सामूहिक संक्रमण का खतरा बहुत हद तक टल चुका होगा।

 I do hope governments everywhere shall act on my advice given in this brief research paper and as such shall LOCKDOWN their respective territories for minimum 42 days to combat and overcome dreadful Corona-19 threat successfully .
- डॉ स्वामी अप्रतिमानंदा जी

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