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Simple Yogic Breathing Techniques for Those Who Face Problems While Breathing

Following are a few very simple Yogic Breathing Techniques for Those Who Face Problems While Breathing such as short breath, breathlessness or difficulty in breathing:
(जिनका दम फूलता है, सांस भरता है या जिन्हें सांस लेने में तकलीफ होती है उन रोगियों/लोगों के लिए बहुत ही आसान सा प्राणायाम का उपाय: )
(1) Early in morning at normal room temperature, First of all, close your left nostril with your left ring finger and small finger. Then slowly inhale and exhale from right nostril ten times. (सुबह पहले बाईं नाक को बाएँ हाथ की अनामिका और किनषठ अंगुलियों से बंद करके दाहिनी नाक से 10 बार सांस बिलकुल धीरे धीरे लेना और धीरे-धीरे छोड़ना है।
(2) After this, close your right nostril with your right thumb and slowly inhale and exhale from left nostril ten times. (उसके बाद दाईं नाक को दाएँ हाथ के अंगूठे से बंद करके बाईं नाक से 10 बार सांस बिलकुल धीरे धीरे लेना और धीरे-धीरे छोड़ना है। )
(3) After this do 10 cycles of right-left-right breathing exercise slowly. Here one cycle means: close your left nostril with your left ring finger and small finger. Then slowly inhale from right nostril. Then, close your right nostril with your right thumb and slowly exhale from left nostril. Then, close your right nostril with your right thumb and inhale slowly from your left nostril. Then, close your left nostril with your left ring finger and small finger and slowly exhale from right nostril.
(इसके बाद 10 बार सांस बिलकुल धीरे धीरे दाएं से बाएं - बाएं से दाएं छोड़ना है {पहले बाईं नाक को बाएँ हाथ की अनामिका और कनिष्ठ अंगुलियों से बंद कर के दाहिनी नाक से सांस धीरे धीरे अंदर खींचना है। उसके बाद दाई नाक को दाएं हाथ के अंगूठे से बंद कर के सांस को बाईं नाक से धीरे-धीरे छोड़ना है। इसके बाद दाईं नाक को दाहिने हाथ के अंगूठे से बंद कर के बाईं नाक से सांस धीरे धीरे अंदर खींचना है। उसके बाद बाएँ हाथ की अनामिका और कनिष्ठ अंगुलियों से बाईं नाक को बंद करके दाईं नाक से सांस धीरे-धीरे छोड़ना है। इसे हम एक क्रिया कहेंगे। इस तरह की दस क्रिया करनी हैं। }
PRECAUTIONS:
(ध्यान रहे:)
1. Keep your both eyes closed while inhaling and exhaling. (पूरे समय आंखें बंद रहें।)
2. Attention must remain focused on throat and bosom/chest. (ध्यान गले और छाती पर रहे।)
3. Your stomach/belly should bulge outwards while inhaling and contract while exhaling. (सांस को पेट से लेना और छोडना है। यानी सांस अंदर लेते समय पेट धीरे-धीरे फूलना चाहिए और सांस बाहर छोड़ते समय पेट धीरे-धीरे अंदर की तरफ पिचकना चाहिए।)
4. If you are a pregnant lady, you must not expand or contract your belly/stomach while breathing. Instead, you must pull your bosom up while inhaling and pull down your bosom while exhaling. It is done so to avoid putting pressure on womb/foetus. ( यदि आप गर्भवती महिला हैं तो अपने पेट को न तो फुलाएं और न ही पिचकाएं सांस अंदर लेते समय और बाहर छोड़ते समय। आप अपनी छाती को ऊपर की ओर खींचे अंदर सांस लेते समय और छाती को नीचे की ओर ले जाएँ सांस बाहर की ओर छोड़ते समय। यह इसलिए जिससे कि कोख में पल रहे भ्रूण/शिशु पर अनुचित दबाव न पड़े।
5. Inhale and exhale very slowly and without making any breathing sound. (सांस को बहुत ही धीरे-धीरे और बिना आवाज किए अंदर लेना और छोडना है।
- Dr. Swaamee Aprtemaanandaa Jee
(The writer is a Scientific Healer, yoga-Practitioner, Research Scientist, Gynecologist, Epidemiologist, citizen-Economist, and well known for informative analytical pieces on Healing, Spirituality, Yoga, Fitness, Health, Medicine, Ayurveda, Science, Economics, and Politics)
- डॉ स्वामी अप्रतिमानंदा जी
(योग विशेषज्ञ, योगाचार्य, योगामास्टर)

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Tags: Breathing, brearhlessness, breath, breathlessness, for, pregnant, short, techniques, woman

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